रामनगर में मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में पहुंचे 57 आवेदन
बिजली बिल और आवास की शिकायतों पर कलेक्टर सख्त

रामनगर में मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में पहुंचे 57 आवेदन, बिजली बिल और आवास की शिकायतों पर कलेक्टर सख्त
9 हितग्राहियों को पीएम स्वनिधि के पात्रता पत्र वितरित, आंगनवाड़ी भर्ती में निवास प्रमाण-पत्र की सत्यता जांचने के निर्देश
मैहर। मैहर जिले के रामनगर नगर परिषद में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में सांसद गणेश सिंह, कलेक्टर विदिशा मुखर्जी, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल और पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल की मौजूदगी में नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं। शिविर में कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर समयबद्ध और त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली बिल से आवास तक की शिकायतें, अधिकारियों को जांच के निर्देश
शिविर में खराब बिजली मीटर के कारण अधिक बिल आने, सर्वे होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और कथित फर्जी निवास प्रमाण-पत्र के आधार पर आंगनवाड़ी में भर्ती किए जाने जैसी शिकायतें सामने आईं।
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने बिजली बिल संबंधी शिकायतों की जांच करने, प्रधानमंत्री आवास से जुड़े प्रकरणों का परीक्षण करने और आंगनवाड़ी भर्ती में प्रस्तुत निवास प्रमाण-पत्र की सत्यता की जांच करने के निर्देश दिए। इन शिकायतों पर संबंधित विभागों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीएम स्वनिधि के 9 हितग्राहियों को मिले पात्रता पत्र
शिविर के दौरान प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 9 हितग्राहियों को पात्रता पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही संबल योजना के हितग्राहियों को भी विभिन्न लाभों से लाभान्वित किया गया।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में एडीएम रोशन राय, एसडीएम एसपी मिश्रा, नगर परिषद अध्यक्ष दीपा मिश्रा, सीएमओ सुषमा मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अब निगाहें शिकायतों के निराकरण पर
शिविर में 57 आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि स्थानीय नागरिक बिजली बिल, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों का कितनी जल्दी निराकरण करते हैं और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ कब तक मिल पाता है।




