मैहर में तेंदुए की आँख-मिचौली से बढ़ी चिंता
रोपवे टावर नंबर-3 के पास सड़क किनारे लेटा दिखा तेंदुआ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल; कहीं किसी परिवार पर न टूट पड़े मुसीबत का पहाड़!

मैहर में तेंदुए की आँख-मिचौली से बढ़ी चिंता, क्या किसी अनहोनी के बाद जागेगा प्रशासन?
रोपवे टावर नंबर-3 के पास सड़क किनारे लेटा दिखा तेंदुआ, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल; कहीं किसी परिवार पर न टूट पड़े मुसीबत का पहाड़!
मैहर। माँ शारदा मंदिर क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। रोपवे के टावर नंबर-3 के आधार के पास सड़क के नजदीक तेंदुआ लेटा हुआ दिखाई दिया। मंदिर क्षेत्र में लगातार तेंदुए की मौजूदगी की खबरें सामने आने के बाद श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? मंदिर के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद यदि श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में तेंदुए की मौजूदगी बनी हुई है, तो यह वन्यजीव प्रबंधन और जनसुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है।
तेंदुए की आँख-मिचौली कहीं भारी न पड़ जाए!
मैहर स्थित माँ शारदा धाम में नवरात्रि मेले के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर परिसर और रोपवे के आसपास तेंदुए का दिखाई देना सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। श्रद्धालुओं में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल होते हैं। यदि अचानक किसी का सामना तेंदुए से हो जाए, तो भगदड़ या किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं? क्या संवेदनशील स्थानों पर वन विभाग की टीम तैनात है? क्या श्रद्धालुओं को समय रहते सतर्क करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की व्यवस्था है?
किसी परिवार की खुशियां उजड़ने से पहले जागे प्रशासन!
तेंदुए की मौजूदगी को लेकर बार-बार खबरें सामने आने के बावजूद यदि प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आती, तो यह चिंता का विषय है। प्रशासन को किसी अप्रिय घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय समय रहते एहतियाती कदम उठाने चाहिए। किसी व्यक्ति पर हमला होने या किसी परिवार की खुशियां उजड़ने के बाद कार्रवाई करने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
वन विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर तेंदुए की गतिविधियों का आकलन करना चाहिए। उसके आने-जाने के संभावित रास्तों की निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही, प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक तेंदुए की मौजूदगी को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं।
श्रद्धालुओं से अपील
तेंदुआ दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने, उसका पीछा करने, फोटो या वीडियो बनाने के लिए भीड़ लगाने से बचें। उसे घेरने या भगाने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल वन विभाग अथवा पुलिस को सूचना दें।
अब देखना यह है कि तेंदुए की मौजूदगी को लेकर प्रशासन और वन विभाग कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं। माँ शारदा के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। जरूरत इस बात की है कि किसी अनहोनी का इंतजार किए बिना समय रहते ठोस सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।



