मैहर नवरात्रि मेले में अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल, बिना प्रशिक्षण वाले कर्मचारियों से फायर ब्रिगेड की ड्यूटी कराने का आरोप
मैहर नवरात्रि मेले में अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल, बिना प्रशिक्षण वाले कर्मचारियों से फायर ब्रिगेड की ड्यूटी कराने का आरोप

मैहर। मां शारदा की पावन नगरी मैहर में क्वार नवरात्रि मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न व्यवस्थाएं किए जाने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन मेले में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सामने आ रही जानकारियां कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि नगर पालिका मैहर की फायर ब्रिगेड सेवा में ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें अग्निशमन कार्य का पर्याप्त प्रशिक्षण और अनुभव नहीं है। यदि यह जानकारी सही है, तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले की जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
मेले में चार फायर ब्रिगेड, तैनाती व्यवस्था पर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेला क्षेत्र में कुल चार फायर ब्रिगेड उपलब्ध होने की बात सामने आई है। इनमें एक नगर पालिका मैहर, एक सतना से और एक अल्ट्राटेक सीमेंट की फायर ब्रिगेड शामिल है। इसके अलावा चौथी गाड़ी की तैनाती के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है। बताया जा रहा है कि पुलिस चौकी में दो और यात्री निवास क्रमांक-2 में एक फायर ब्रिगेड खड़ी है। ऐसे में सवाल उठता है कि मेले के अलग-अलग संवेदनशील क्षेत्रों में अग्निशमन वाहनों की तैनाती किस योजना के तहत की गई है और आपात स्थिति में उन्हें कितनी जल्दी घटनास्थल तक पहुंचाया जा सकेगा।
दो शिफ्टों में 12 घंटे की ड्यूटी, प्रशिक्षण पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका मैहर की फायर ब्रिगेड सेवा में दो चालकों और दो फायरमैन की ड्यूटी दो शिफ्टों में 12-12 घंटे के हिसाब से लगाई गई है। लेकिन आरोप है कि फायरमैन के रूप में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को अग्निशमन कार्य का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है।
सूत्रों के हवाले से रिजवान खान और रंजीत नामक कर्मचारियों की ड्यूटी पूर्व में सफाई विभाग में होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इन कर्मचारियों को फायर ब्रिगेड जैसी संवेदनशील आपातकालीन सेवा में तैनात करने से पहले आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है? क्या इनके पास आग बुझाने, अग्निशमन उपकरणों के संचालन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अनुभव है?
हालांकि, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और ड्यूटी संबंधी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। इसलिए इस पूरे मामले में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष और संबंधित अभिलेखों की जांच महत्वपूर्ण है।
अनहोनी हुई तो कौन संभालेगा मोर्चा?
धार्मिक नगरी मैहर में नवरात्रि मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में आग लगने जैसी किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। यदि मौके पर तैनात कर्मचारियों को अग्निशमन का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, तो आपात स्थिति में उनकी भूमिका और कार्रवाई की क्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो, यही सभी की कामना है। लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा केवल उम्मीदों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। अग्निशमन जैसी आपातकालीन सेवा में प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता, उपकरणों की जानकारी और त्वरित कार्रवाई की तैयारी सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
क्या सिर्फ खानापूर्ति के भरोसे चल रही फायर ब्रिगेड सेवा?
जानकारों के अनुसार, मैहर नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ड्यूटी को लेकर पहले भी कर्मचारियों की उपलब्धता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसी शिकायतें भी सामने आने की बात कही जा रही है कि ड्यूटी के दौरान एक ही कर्मचारी सक्रिय रूप से दिखाई देता है, जबकि अन्य कर्मचारी अपनी दूसरी जिम्मेदारियों में व्यस्त रहते हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि ड्यूटी रजिस्टर, उपस्थिति और मौके पर तैनात कर्मचारियों की जांच के बाद ही हो सकती है।
जांच के दायरे में नगर पालिका की व्यवस्था
अब सवाल यह है कि क्या नगर पालिका मैहर ने मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए अग्निशमन सेवा के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था की है? क्या कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित नियमों और आवश्यक प्रशिक्षण के अनुरूप लगाई गई है? क्या फायर ब्रिगेड वाहनों की तैनाती और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है?
इन बिंदुओं पर नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जिला प्रशासन को भी फायर ब्रिगेड की तैनाती, कर्मचारियों के प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, ड्यूटी रजिस्टर और आपातकालीन तैयारियों की जांच करानी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले कमियों को दूर किया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। नवरात्रि मेले में अग्निशमन व्यवस्था केवल कागजों और ड्यूटी चार्ट तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम होनी चाहिए।




